Driving Licence Apply Yojana: अब लाइसेंस बनवाना हो गया बच्चों का खेल – जान लो पूरा तरीका यहां

देखो भाई, आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में गाड़ी चलाना एक ज़रूरत बन गया है। बस, बाइक या कार – कुछ भी हो, अगर तुम्हें चलाना आता है तो एक चीज़ बहुत ज़रूरी है, और वो है ड्राइविंग लाइसेंस। अब पहले की तरह नहीं कि दस बार आरटीओ ऑफिस के चक्कर काटने पड़ें, अब सरकार ने इसे भी स्मार्ट बना दिया है – Driving Licence Apply Yojana के ज़रिए सबकुछ ऑनलाइन हो रहा है।

मतलब अब तुम घर बैठे, मोबाइल से ही लर्निंग लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हो। और फिर जब टाइम आए, तब एक बार आरटीओ जाकर वेरिफिकेशन कराना होता है। सीधा-सादा प्रोसेस है, बस एक बार समझ लो तो सब आसान हो जाएगा।

किसको मिल सकता है ड्राइविंग लाइसेंस?

तो देखो, अगर तुम 18 साल से ऊपर हो, शारीरिक और मानसिक तौर पर ठीक हो, और तुम्हें ठीक से गाड़ी चलानी आती है – तो तुम ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हो। लेकिन सिर्फ चलाना आना काफी नहीं है, ट्रैफिक रूल्स की भी थोड़ी-बहुत जानकारी होनी चाहिए। और हां, जो लोग बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाते हैं, उनसे जुर्माना तो अलग है, ऊपर से बीमा वगैरह भी क्लेम नहीं कर पाओगे। मतलब बिना लाइसेंस सड़कों पर गाड़ी चलाना वैसे भी सही नहीं है।

क्या-क्या डॉक्युमेंट लगेंगे?

अब बात करते हैं डॉक्युमेंट्स की। भाई, ये सबसे ज़रूरी हिस्सा है। बिना कागज़ात के तो कोई काम होता नहीं। तो जब लाइसेंस बनवाने जाओगे तो ये चीज़ें रेडी रखो – आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, बर्थ सर्टिफिकेट, 10वीं या 12वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट साइज फोटो और सिग्नेचर। अगर पहले से लर्निंग लाइसेंस अप्लाई कर चुके हो तो उसकी कॉपी भी साथ रखो। डॉक्युमेंट्स अपलोड करते वक्त ध्यान रखना, जो भी फोटो या स्कैन कर रहे हो वो साफ-सुथरा हो।

कैसे अप्लाई करें – स्टेप बाय स्टेप

अब सबसे काम की बात – करना क्या है?

  1. सबसे पहले अपने राज्य के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जाओ।
  2. वहां लर्निंग लाइसेंस के लिए अप्लाई करो। फॉर्म भरना होगा जिसमें अपना नाम, पता, जन्मतिथि वगैरह सही-सही भरना है।
  3. फिर सारे ज़रूरी डॉक्युमेंट्स स्कैन करके अपलोड करने होंगे।
  4. अब ऑनलाइन पेमेंट कर दो, जो फीस तय की गई है। बस इसके बाद सबमिट कर दो।
  5. अब टेस्ट देना होगा – ये ऑनलाइन भी हो सकता है और ऑफलाइन भी, जैसा सुविधा हो।
  6. अगर टेस्ट पास कर गए तो तुम्हारा लर्निंग लाइसेंस बन जाएगा, जिसकी वैलिडिटी 6 महीने होती है।

अब लर्निंग मिल गया, तो अगला स्टेप है – स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई करना। जब लर्निंग लाइसेंस बन जाए तो फॉर्म नंबर 4 भरो और उसमें लर्निंग लाइसेंस की कॉपी और बाकी डॉक्युमेंट्स अटैच करो। फिर आरटीओ में एक छोटा-सा टेस्ट होता है जिसमें तुम्हें गाड़ी चलाकर दिखाना होता है कि तुम सही से चला सकते हो। टेस्ट पास किया, फीस भरी – और तुम्हारा परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस तैयार!

आखिर में…

तो भाई, देखा जाए तो अब Driving Licence Apply Yojana ने लाइसेंस बनवाने का पूरा खेल ही आसान कर दिया है। पहले की तरह लंबी लाइनें, दलालों के चक्कर और झंझट भरे प्रोसेस अब बीते ज़माने की बात हो गई। बस थोड़ा मोबाइल चलाना आना चाहिए और थोड़ी समझदारी से फॉर्म भरना – लाइसेंस अपने आप घर पहुंच जाएगा।

तो अगर अब भी बिना लाइसेंस के गाड़ी चला रहे हो, तो यार देर मत करो। एक बार में सब निपटा लो। ना तो पुलिस का डर रहेगा, ना बीमा का झंझट।

अब खुद करो अप्लाई – लाइसेंस बनवाना अब बच्चों का खेल है!

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