PM Awas Yojana Second Installment Released: अब घर अधूरा नहीं रहेगा, सपना पूरा होने वाला है!

घर की नींव रखी थी, लेकिन काम रुक गया था… अब दोबारा शुरू होगा!

जब पहली किस्त मिली थी तब लोगों ने बड़े अरमानों से अपने घर की नींव डाली थी। दीवारें खड़ी कर दी थीं। लेकिन फिर पैसों की तंगी आ गई, बारिश शुरू हो गई और काम ठप हो गया। कई परिवार बस इंतजार ही कर रहे थे कि कब दूसरी किस्त आए और फिर से काम शुरू किया जाए।

अब वो दिन आ गया है। PM Awas Yojana (Urban) के तहत सोनीपत में 2,000 लोगों को दूसरी किस्त की राशि मिल गई है। अब उन अधूरे मकानों में फिर से हलचल शुरू होगी। जिन लोगों का सपना था अपने सिर पर एक पक्का छत का, अब वो धीरे-धीरे सच्चाई बन रहा है।

“पहली किस्त से नींव और दीवारें बन गई थीं, लेकिन पैसे खत्म हो गए थे,” रामकुमार ने बताया। “अब दूसरी किस्त से घर पूरा हो पाएगा।” ये बातें आम हैं, क्योंकि लगभग हर किसी ने यही हाल झेला है।

2.5 लाख रुपये की मदद — टुकड़ों में मिलती है लेकिन उम्मीद बनी रहती है

सरकार इस योजना में कुल 2.5 लाख रुपये की मदद देती है, जो तीन किस्तों में मिलती है। दूसरी किस्त आने से अब लोगों को उम्मीद है कि वे इस बार मानसून से पहले अपने घर का सपना पूरा कर पाएंगे। बरसात में अपने अधूरे घरों को देखना जितना दुखद होता है, उतना ही सुकून होता है जब घर की छत पूरी होती है।

सिर्फ पैसे नहीं, अब पारदर्शिता भी साथ है

सरकार सिर्फ पैसे दे कर पीछे नहीं हट रही। अब पूरी कोशिश की जा रही है कि हर एक घर की स्थिति को ठीक से मॉनिटर किया जाए। इसके लिए geo-tagging का इस्तेमाल हो रहा है। इससे यह पता चलता है कि मकान कहां बना, कितना बना, और फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश ना रहे।

साथ ही, नए लाभार्थियों के लिए सर्वे चल रहा है। जो परिवार अब तक इस योजना से छूट गए थे, उन्हें भी जोड़ा जा रहा है। ध्यान सिर्फ एक बात पर है — जिनके पास पक्का घर नहीं है, उन्हें घर दिया जाए।

हरियाणा के दूसरे शहर भी पीछे नहीं हैं

ये सिर्फ सोनीपत की बात नहीं है। पूरे हरियाणा में आवास योजनाएं तेजी से चल रही हैं। जैसे यमुनानगर में मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 2,927 लोगों को प्लॉट दिए जा रहे हैं। ऑनलाइन बुकिंग चल रही है, आखिरी तारीख 15 जुलाई 2025 है।

यहां खास बात ये है कि घुमंतू जाति जैसे समाज के सबसे कमजोर तबकों को प्राथमिकता दी जा रही है। मतलब, जो अब तक सबसे पीछे थे, अब वो लाइन में सबसे आगे खड़े हैं।

शहर हो या गांव, मकसद एक ही है — हर किसी को छत मिले

हरियाणा सरकार ने साफ कर दिया है कि ये योजनाएं सिर्फ कागजों में नहीं रहेंगी। गांव में मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 100 गज के प्लॉट मिल रहे हैं। वहीं, शहरों में 1.80 लाख सालाना इनकम वाले परिवारों को सस्ते मकान या प्लॉट दिए जा रहे हैं।

सरकार का अगला टारगेट है — अगले वित्त वर्ष तक इन सभी योजनाओं की स्पीड और बढ़ाना।

आखिर में बस यही कहेंगे…

अगर आपके आसपास कोई ऐसा परिवार है जिसका घर अधूरा है, या जो अब तक किसी भी योजना में नहीं जुड़ पाया — तो उन्हें इस बारे में जरूर बताएं। ये सिर्फ एक योजना नहीं है, ये एक सपना है जो सच होने जा रहा है।
PM Awas Yojana second installment आ चुकी है, और अब अधूरे घरों में फिर से जिंदगी की चहल-पहल लौटेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *