प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) एक बार फिर चर्चा में है। वजह भी दमदार है – अब इस योजना के तहत गैस सिलेंडर सिर्फ ₹503 में मिल रहा है। साथ ही, सरकार ने ऐलान किया है कि उज्ज्वला योजना में अगले चरण में 75 लाख नए लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा। अगर आप भी इस योजना से जुड़ना चाहते हैं या पहले से लाभार्थी हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।
उज्ज्वला योजना क्या है?
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को गरीब और ग्रामीण परिवारों को साफ-सुथला cooking fuel यानी LPG उपलब्ध कराने के लिए की गई थी। इसका मकसद महिलाओं को धुएं से छुटकारा दिलाना और उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाना था।
अब तक कितनों को मिला फायदा?
इस योजना के तहत अब तक देशभर में 10.33 करोड़ से ज़्यादा LPG कनेक्शन दिए जा चुके हैं। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि यह योजना कितनी सफल रही है। खास बात ये है कि ज्यादातर लाभार्थी महिलाएं हैं, जिन्हें पहले कभी रसोई गैस जैसी सुविधा नहीं मिली थी।
₹503 में सिलेंडर – क्या है सच्चाई?
हां, यह पूरी तरह सच है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दिल्ली जैसे शहरों में 14.2 किलो का गैस सिलेंडर सिर्फ ₹503 में दिया जा रहा है। जबकि बाकी उपभोक्ताओं को यही सिलेंडर ₹800 से ₹900 तक में मिलता है। यानी सरकार सब्सिडी के ज़रिए गरीबों को सीधा फायदा दे रही है।
क्या-क्या बदला है इस योजना में?
2025 के अपडेट्स के अनुसार अब:
- योजना में 75 लाख नए परिवारों को जोड़ा जाएगा।
- प्रवासी महिलाओं के लिए पते का प्रूफ अनिवार्य नहीं रहेगा।
- कनेक्शन ट्रांसफर की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है क्योंकि हाल ही में बड़ी संख्या में घोटाले की शिकायतें मिली हैं।
उज्ज्वला योजना का लाभ कैसे लें?
अगर आपके पास अभी तक गैस कनेक्शन नहीं है और आप गरीबी रेखा के नीचे आते हैं, तो आप इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए कुछ ज़रूरी बातें और दस्तावेज़ हैं:
पात्रता:
- आवेदक महिला होनी चाहिए
- उम्र 18 साल से ऊपर
- घर में पहले से कोई गैस कनेक्शन नहीं होना चाहिए
- परिवार गरीबी रेखा के नीचे हो
ज़रूरी दस्तावेज़:
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- एक पासपोर्ट साइज फोटो
आवेदन कैसे करें?
- सबसे पहले नजदीकी गैस एजेंसी जाएं
- वहां से उज्ज्वला फॉर्म लें और जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा करें
- आपका आवेदन सत्यापन के बाद मंजूर होगा और कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा
- सिलेंडर और स्टोव के लिए सरकार की तरफ से सहायता राशि भी दी जाती है
योजना के फायदे सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं
उज्ज्वला योजना से सिर्फ खाना पकाने की सुविधा नहीं मिली, बल्कि:
- महिलाओं को धुएं से निजात मिली
- खाना पकाने में समय की बचत हुई
- बच्चों को मां का ज्यादा समय मिला
- घर में सफाई और स्वास्थ्य में सुधार आया
- पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आई
अभी किन समस्याओं से जूझ रही है योजना?
हाल ही में कुछ राज्यों में उज्ज्वला योजना को लेकर गड़बड़ियों की खबरें आईं हैं। खासतौर पर गैस कनेक्शन ट्रांसफर में फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां महिलाओं ने पति का नाम हटवाकर नए कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया। सरकार ने इस पर एक्शन लेते हुए फिलहाल ट्रांसफर प्रक्रिया पर रोक लगा दी है और पूरे सिस्टम की जांच की जा रही है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना आज भारत की सबसे प्रभावशाली और ज़रूरतमंद योजनाओं में से एक बन चुकी है। लाखों गरीब परिवारों को इससे राहत मिली है और महिलाओं की जिंदगी में एक सकारात्मक बदलाव आया है। अगर आप पात्र हैं तो इस योजना का लाभ ज़रूर उठाएं, क्योंकि अब सिर्फ ₹503 में रसोई गैस घर तक पहुंच रही है।
अगर आप अपने गांव, पंचायत या शहर में इस योजना के बारे में लोगों को जागरूक करते हैं तो ये भी एक बड़ा सामाजिक योगदान होगा। उज्ज्वला योजना सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि यह बदलाव की एक सशक्त शुरुआत है।