पहले सिर्फ अनाज… अब पूरा पोषण मिलेगा
अभी तक तो हम राशन की दुकान से बस गेहूं-चावल लेकर ही संतुष्ट रहते थे। लेकिन अब सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया है जो सच में हमारी थाली को पूरा करने वाला है। Ration Card Poshan Yojana 2025 के तहत अब राशन कार्ड वालों को दूध, घी, दालें, और कई और जरूरी चीजें भी मिलने लगेंगी। मतलब सिर्फ पेट नहीं भरेगा, सेहत भी सुधरेगी।
राशन दुकान नहीं, अब “जन पोषण केंद्र” होगा
अब जो दुकानें सिर्फ अनाज देती थीं, उन्हें “जन पोषण केंद्र” बना दिया जाएगा। यानी वहां अब आपको अनाज के साथ-साथ दूध, घी, पनीर, दही, दालें (अरहर, मूंग, चना), मोटे अनाज (जैसे बाजरा, ज्वार, रागी), और सरसों-सोयाबीन जैसे तिलहन भी मिलेंगे। और हां, तेल भी – वो भी कई तरह के।
सभी चीजें सस्ती मिलेंगी, ताकि हर कोई इन्हें खरीद सके।
पेट भरने से नहीं चलेगा, अब सेहत भी बनेगी
सरकार का कहना है कि अनाज से तो बस पेट भरता है, लेकिन जो असली पोषण है – मतलब प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स – वो बाकी चीजों से आता है। इसी कमी को दूर करने के लिए ये योजना शुरू की गई है।
जिन्हें सबसे ज़्यादा ज़रूरत है – जैसे छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग – उन्हें इसका सबसे ज़्यादा फायदा मिलेगा। कुपोषण की जो बड़ी समस्या है, उस पर इससे सीधे वार होगा।
कहाँ से शुरू हुई ये स्कीम?
इसकी शुरुआत हुई है मध्य प्रदेश से। पहले इंदौर की 30 राशन दुकानों को जन पोषण केंद्र बनाया गया। फिर उज्जैन और सागर में भी 15-15 दुकानों को इस योजना में शामिल कर लिया गया। धीरे-धीरे इसे पूरे राज्य और फिर देशभर में फैलाने का प्लान है।
राशन डीलर भी बनेंगे स्मार्ट
डीलर लोग भी अब सिर्फ अनाज देने तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है कि कैसे दूध-घी जैसी चीजों को स्टोर करें, कैसे उनकी क्वालिटी बनाए रखें।
उन्हें डिजिटल टूल्स, बैंकिंग सर्विस, CSC जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी, जिससे उनकी कमाई भी बढ़ेगी। मतलब डीलरों के लिए भी ये फायदेमंद है।
कौन ले सकता है इसका फायदा?
जिसके पास वैध राशन कार्ड है, वो इस स्कीम का फायदा ले सकता है। जब आप राशन लेने जाएंगे, तो वहां आपको बाकी चीजें भी ऑफर की जाएंगी – दूध, घी, दालें वगैरह। ये सब सामान तयशुदा रेट पर मिलेगा और रेट्स खुले में लिखे होंगे ताकि कोई गड़बड़ न हो।
गड़बड़ी न हो, इसके लिए खास इंतजाम
इस पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए सरकार ने स्पेशल कमिटियां बनाई हैं। ये देखती रहेंगी कि कोई कालाबाजारी न हो, और क्वालिटी भी बनी रहे। अगर किसी को कोई शिकायत है तो वो भी जल्दी सुनी जाएगी।
टेक्नोलॉजी भी काम पर लगी है
अब राशन की दुकानों पर POS मशीनें होंगी, जिससे डिजिटल पेमेंट आसान हो जाएगा और सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा। इससे न तो कोई चोरी कर सकेगा, न गड़बड़।
मोबाइल ऐप से आप देख सकते हैं कि आपके केंद्र पर कौन-कौन सी चीजें हैं। ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकते हैं। SMS और WhatsApp से भी अपडेट मिलेगा।
सेहत का क्या फायदा होगा?
अब जब रोज़ दूध, घी, दाल और मोटा अनाज थाली में आएंगे, तो शरीर को भी असली पोषण मिलेगा। बच्चों में जो कुपोषण की दिक्कत है – जैसे कमजोर कद-काठी या पतलापन – उसमें फर्क आएगा।
गर्भवती महिलाओं को ज़रूरी पोषण मिलेगा तो मां और बच्चे दोनों स्वस्थ रहेंगे। इम्युनिटी भी बढ़ेगी – यानी बीमारियाँ दूर रहेंगी।
गाँव की अर्थव्यवस्था को भी बूस्ट मिलेगा
इस योजना से सिर्फ सेहत ही नहीं, गाँव की कमाई भी बढ़ेगी। दूध-दही की मांग बढ़ेगी तो डेयरी वालों की आमदनी बढ़ेगी। दाल और मोटे अनाज की खेती को भी फायदा होगा।
राशन डीलरों की भी कमाई बढ़ेगी और नए रोजगार भी निकलेंगे। मतलब एक साथ कई सेक्टरों को फायदा होगा।
आगे क्या-क्या प्लान है?
सरकार चाहती है कि इन जन पोषण केंद्रों को और भी पावरफुल बनाया जाए। हो सकता है आगे चलकर यहां हेल्थ चेकअप, डाइट काउंसलिंग, बीज और जैविक खाद भी मिलने लगे।
महिला समूहों के बनाए सामान भी बिक सकेंगे। यानी ये जगह सिर्फ राशन की नहीं, बल्कि पूरे गाँव के विकास का हब बन सकती है।
एक बात याद रखो…
ये सब बातें फिलहाल इंटरनेट से ली गई जानकारियों पर आधारित हैं। पक्की जानकारी के लिए आपको सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट या लोकल ऑफिस से कन्फर्म करना चाहिए।
अगर आप भी राशन कार्ड धारक हैं, तो अगली बार राशन लेने जाएं तो ध्यान से पूछिए – “भाई, दूध-घी वाला पोषण वाला राशन कब मिल रहा है?”