UPI New Rule: अब भाई UPI करना इतना आसान भी नहीं रहा – नए नियम सुन लो वरना पछताओगे!

अब UPI यूज़ करने से पहले ये बातें जान लो, वरना बाद में सिर पकड़ के बैठना पड़ेगा

अब देखो, आज के टाइम में जब भी किसी को पैसे भेजने होते हैं या चाय के ठेले पर पेमेंट करनी हो – सीधा UPI खोलो, स्कैन करो और काम खत्म। लेकिन अब थोड़ी सख्ती आ गई है भइया। RBI और NPCI ने कुछ नए नियम लाए हैं, और अगर आप भी रोज़ाना UPI करते हो, तो ये सब जानना जरूरी है।

अब ये मत समझो कि कोई बहुत भारी-भरकम नियम हैं – बात बस इतनी है कि थोड़ा होशियारी से UPI इस्तेमाल करना होगा।


1 साल तक UPI नहीं चलाया? तो अलविदा बोल दो

अगर आपने अपने UPI से एक साल तक कोई लेन-देन नहीं किया, तो वो ID अपने आप डिएक्टिवेट हो जाएगी। मतलब साफ है – जो एक्टिव नहीं है, उसे सिस्टम से बाहर कर दिया जाएगा। ये इसलिए ताकि कोई बंदा आपके अकाउंट का गलत इस्तेमाल ना कर सके।

सोचो एक साल पहले किसी दुकान वाले को पैसे भेजे थे और अब वो ID बंद हो गई – फिर से एक्टिवेट कराने का झंझट अलग से। तो भाई, थोड़ा बहुत ट्रांजैक्शन करते रहो।


₹2 लाख से ज़्यादा भेजा? अब अलर्ट आएगा

अगर एक ही दिन में आपने ₹2 लाख या उससे ऊपर UPI से भेज दिए, तो झट से SMS और in-app नोटिफिकेशन मिल जाएगा।

अब ये मत सोचो कि सरकार आपके पैसों पर नजर रख रही है – ये तो आपकी ही भलाई के लिए है। कोई दूसरा आपके नाम से बड़ा ट्रांजैक्शन कर दे, तो आपको फटाफट पता चल जाए। अलर्ट आया नहीं, सीधा बैंक को पकड़ो और अकाउंट ब्लॉक करवा दो – इतना स्मार्ट बनना पड़ेगा अब।


Auto-Pay मतलब आराम नहीं, अब OTP जरूरी

पहले क्या था – Netflix का रिचार्ज, EMI या इंश्योरेंस का पैसा अपने आप कट जाता था। अब अगर वो अमाउंट ₹15,000 से ज़्यादा है, तो हर बार OTP डालना पड़ेगा।

मतलब अब “Auto-pay” भी आधा-ऑटो हो गया। लेकिन हां, इससे धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। कम से कम हर बार आपको पता तो चलेगा कि किस काम के पैसे कट रहे हैं।


एक नंबर से कई बैंक अकाउंट? अब हर एक का अलग वेरिफिकेशन

अगर आपने एक ही मोबाइल नंबर से कई बैंक अकाउंट लिंक कर रखे हैं – तो अब हर अकाउंट को अलग से वेरिफाई करना होगा।

यानी अब कोई अकाउंट “छुपा-छुपा” सा नहीं रहेगा। सिस्टम क्लियर रहेगा और सिक्योरिटी भी टाइट हो जाएगी।


अब AI रखेगा नजर – गलत हरकत पकड़ेगा झट से

NPCI ने बताया है कि अब UPI सिस्टम में AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता, fancy word है पर काम बढ़िया करता है) और Machine Learning लगेगा।

मतलब हर ट्रांजैक्शन पर इसकी नजर रहेगी – जैसे ही कोई डाउटफुल हरकत दिखी, तुरंत आपको और बैंक को अलर्ट।

अब मान लो किसी रात को 3 बजे आपके नाम से कहीं पेमेंट हो गया – और आप खर्राटे ले रहे हो – AI अलर्ट करेगा कि कुछ गड़बड़ है।


आखिर में – नियम आपके लिए ही हैं, थोड़ा ध्यान रखो

अब देखो, ये जो सारे नए नियम आए हैं, ये आपको डराने के लिए नहीं हैं – बल्कि बचाने के लिए हैं।

थोड़ा ध्यान रखो – ऐप अपडेट करते रहो, UPI चालू रखो, और नोटिफिकेशन नजरअंदाज मत करो। पैसे अपने हैं, सुरक्षा भी अपनी ही जिम्मेदारी है।

अब जब अगली बार आप “scan and pay” करो, तो याद रखना – UPI अब स्मार्ट हो गया है, तो यूज़र को भी थोड़ा स्मार्ट बनना पड़ेगा! 😄

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